घर पर गर्भावस्था (Pregnancy) का परीक्षण कैसे करें
प्रेगनेंसी टिप्स

घर पर गर्भावस्था (Pregnancy) का परीक्षण कैसे करें

मां का नाम सुनते ही हमारी दुनिया साकार नजर आती है। ऐसा लगता है मानो हमारी सारी उलझन  एक मां के सामने छोटी हो गई हो। मां बनना एक स्त्री को संपूर्णता की ओर ले जाता है। जब स्त्री गर्भवती होती है, तो उसे खुद का ध्यान रखने की नसीहत दी जाती है।

कभी-कभी मन में गर्भावस्था को लेकर कई बार असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो जाती है ऐसे में समझ नहीं आता कि गर्भावस्था है भी या नहीं। प्रकृति के इस अनुपम सौगात से कोई भी स्त्री मरहूम नहीं होना चाहती। ऐसे में स्त्रियां बिना किसी कष्ट के घर में ही अपनी गर्भावस्था का परीक्षण आसानी से कर सकती हैं।

घरेलू गर्भावस्था परीक्षण क्या है

घरेलू गर्भावस्था परीक्षण में मां बनने के सपने को पूरा होते देखा जा सकता है जिसमें एचसीजी  (Human chorionic gonadotropin) के बारे में जानकारी प्राप्त होती है। इस परीक्षण के माध्यम से गर्भावस्था के समय उत्पन्न हार्मोन का पता लगाया जाता है, जो कि  बढे़ हुए स्तर में होता है। जैसे ही गर्भावस्था शुरू होती है तो शरीर में एचसीजी का उत्पादन शुरू हो जाता है।
 घरेलू गर्भावस्था परीक्षण में यूरिन के माध्यम से एक  परीक्षण होता है जो सुबह  होना अनिवार्य होता है। जब गर्भावस्था शुरुआती दौर में होती है, तो ऐसे में शरीर में एचसीजी का हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। कभी-कभी ऐसा भी होता है कि घरेलू गर्भावस्था परीक्षण नकारात्मक आ जाए तो ऐसे में घबराने से अच्छा है कि कुछ दिनों बाद फिर से परीक्षण करें। कई बार एचसीजी के बदलते स्तर की वजह से भी एक बार में परीक्षण सही नहीं आ पाता है।

जाने क्या है घरेलू गर्भावस्था परीक्षण के तरीके ( Ghar Par Pregnancy Test Kaise Kare)

आज हम गर्भावस्था परीक्षण के कुछ घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं जो आपको सही परिणाम बताएंगे और इसके लिए आपको कोई परेशानी भी नहीं उठानी पड़ेगी।
1) आप सभी के घर में कांच का गिलास या बर्तन अवश्य रूप से होगा। यदि आप उसमें अपनी सुबह का यूरिन डाले तो कुछ ही देर में उसमें आपको सफेद परत दिखाई देने लगेगी। यदि यथासंभव आपको सफेद परत दिखाई दे, तो आप गर्भवती हैं।
2) इसी प्रकार यदि आप साबुन में कुछ बूंदे अपने यूरिन की डाले तो उस पर बुलबुले दिखाई देते हैं। बुलबुलों के दिखाई देने पर आप गर्भवती प्रमाणित होती है अन्यथा नहीं।
3) किसी सफेद टूथपेस्ट में यूरिन की बूंदे डालने पर यदि टूथपेस्ट सफेद से रंग परिवर्तित करके नीला हो जाए तो यह गर्भावस्था का प्रमाण है।
4) डेटॉल का उपयोग हम सभी अपने घरों में करते हैं लेकिन इससे आप अपने गर्भावस्था का भी परीक्षण कर सकती हैं। इसके लिए कांच के बर्तन में बराबर रूप से यूरीन और डेटॉल लेंगे। यदि उस पर यूरिन तैरने लगे तो आप गर्भवती हैं और यदि यूरिन और डेटॉल घुल जाए तो आप गर्भवती नहीं हैं।
5) विनेगर  भी इस परीक्षण में आपकी मदद कर सकता है। यदि आप विनेगर में यूरिन में मिलाएं और विनेगर का रंग परिवर्तित होने लगे तो इसका मतलब  है कि आप गर्भवती हैं।

गर्भावस्था परीक्षण के लिए नमक भी है महत्वपूर्ण

अभी तक आप लोगों ने नमक का बहुत से महत्वपूर्ण उपयोग के बारे में सुना और देखा होगा। जो हमारी सेहत के लिए भी बहुत ही फायदेमंद है। पर आपको जानकार आश्चर्य होगा कि नमक का उपयोग गर्भावस्था परीक्षण में भी किया जा सकता है।
इसके लिए सुबह के पहले यूरिन का सैंपल लेना होगा उस यूरिन में तीन चौथाई चम्मच नमक मिला लेंगे। कम से कम 5 मिनट का इंतजार करें अगर आप गर्भवती हैं तो नमक से झाग उत्पन्न होगा अन्यथा नहीं। यह प्रयोग घर पर ही बड़ी ही आसानी से किया जा सकता है।

शक्कर से भी किया जा सकता है गर्भावस्था का परीक्षण

हमारे रसोई में बहुत से ऐसे पदार्थ हैं जिनका उपयोग कई प्रकार से किया जा सकता है जिनमें से एक है शक्कर। शक्कर का उपयोग घर में गर्भावस्था परीक्षण में भी किया जाता है।
इसमें एक कटोरी में शक्कर ले और उसमें थोड़ा सा यूरिन मिला ले। कुछ मिनट तक इंतजार करें उसके बाद आप देखेंगे कि यूरिन के संपर्क में शक्कर के आने पर बढ़े हुए एचसीजी हार्मोन शक्कर को खोलने से रोक देता है। इस तरह से आपकी गर्भावस्था कंफर्म हो जाती है यदि शक्कर यूरिन में घुल जाए तो इसका मतलब यही है कि गर्भावस्था नेगेटिव है। इस तरह शक्कर के माध्यम से भी आसानी से घर में ही रहकर गर्भावस्था का परीक्षण किया जा सकता है।

प्रेगनेंसी किट भी है कारगर

अगर किसी कारणवश महिला बाहर नहीं जा सकती और उसे शुरुआती समय में गर्भ अवस्था का पता लगाना हो तो प्रेगनेंसी किट का भी उपयोग किया जा सकता है। जिसमें सुबह के यूरिन को उस प्रेगनेंसी किट में रखने पर प्रदर्शित होने वाली दो लाइनों के माध्यम से गर्भ अवस्था को समझा जा सकता है। ज्यादातर महिलाएं इस तकनीक के माध्यम से ही अपने गर्भावस्था का पता आसानी से लगा लेती हैं।

प्रेगनेंसी किट खरीदते समय रखे इन सावधानियों को

किसी महिला का मां बनना अनमोल पलों में से एक होता है। ऐसे में हार्मोन बदलाव के कारण स्वभाव में परिवर्तन देखा जा सकता है। घर में यह गर्भावस्था किट का उपयोग करना आसान है फिर कुछ सावधानियां बहुत ही आवश्यक है।

1) जब भी घरेलू गर्भावस्था किट का उपयोग करें तो पहले किसी की सही दिशा निर्देश पर ही इसका उपयोग करें।

2) इस बात को सुनिश्चित कर लें कि पैकेट पूरा बंद हो।

3) गर्भावस्था किट की समाप्ति की तारीख को जांच परख लें ऐसा ना करने पर कभी-कभी गलत परिणाम भी देखे जा सकते हैं।

4) अगर एक बार में परिणाम सही नहीं आए तो कुछ देर के बाद फिर से करके देखें यह आपके लिए फायदेमंद होगा।

कब किया जा सकता है घरेलू गर्भावस्था परीक्षण

घरेलू गर्भावस्था परीक्षण तब किया जाना सही माना जाता है जब मासिक धर्म का समय निकले 1 से 2 सप्ताह हो गए हो। ऐसे समय में महिला के शरीर में एचसीजी हार्मोन का निर्माण होता है जिसके माध्यम से ही गर्भावस्था की सत्यता पता चलती है। कुछ मुख्य परिस्थितियों के होने पर ही घरेलू गर्भावस्था परीक्षण किया जाना सही रहता है।

1) यदि मासिक धर्म आने में देर हो रही हो– प्रत्येक महिला में मासिक धर्म का चक्र अलग अलग होता है। समानता यह 28 से 30 दिनों का होता है। यदि मासिक धर्म आने की तारीख आगे बढ़ चुकी हो ऐसे में घरेलू गर्भावस्था  परीक्षण करना सही रहता है।

2) यदि आपको बेचैनी लग रही हो — गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में बहुत ही अजीब सी बेचैनी लगने लगती है। जब भोजन के प्रति अरुचि, थकान, चक्कर, बार-बार यूरिन आना जैसी दिक्कतें देखी जा सकती है। ऐसे समय में भी एक बार घरेलू गर्भावस्था परीक्षण करना उचित रहता है।

3) पेट में ऐंठन का होना — यदि मासिक धर्म ना आने की स्थिति में पेट में ऐठन हो। यह अंडे के प्रत्यारोपण से भी होता है। बार-बार ऐसा होने पर गर्भावस्था परीक्षण किया जा सकता है।

4) स्तनों में दर्द होना– महिलाओं में हार्मोन की अधिकता से गर्भ अवस्था के शुरुआती दिनों में स्तनों में पीड़ा होती है। कभी-कभी स्तन कठोर  भी हो सकते हैं ऐसी स्थिति में भी गर्भावस्था परीक्षण किया जा सकता है।

घरेलू गर्भावस्था परीक्षण की सटीकता

ज्यादातर ऐसा देखा जाता है कि घरेलू गर्भावस्था की पुष्टि सही ही होती है सिर्फ 1% ही ऐसे मामले होते हैं जब गर्भावस्था का परीक्षण सही नहीं हो पाता। ऐसे हार्मोन में एचसीजी का लेवल कम होने से होता है। ऐसे में पूरी सतर्कता और सावधानी से ही गर्भावस्था का परीक्षण किया जा सकता है।

घरेलू सामग्री भी है फायदेमंद

कई बार ऐसा देखने में भी आता है कि हम बाहरी दिखावे में रह जाते हैं पर घरेलू सामग्रियों के माध्यम से भी हम अपनी समस्या का सामना आसानी से कर सकते हैं। कई बार गर्भावस्था के बार-बार खरीदने में भी हमें हिचक महसूस होने लगती है और सही तरह से हम अपनी बात नहीं कह पाते हैं। गर्भावस्था परीक्षण की बात भी आसानी से हर किसी से करना सही नहीं होता। और कभी-कभी तो बाजार जा कर बार-बार किट लेना भी मुश्किल काम ही लगता है।

ऐसे समय में घरेलू सामग्रियों के माध्यम से अपने गर्भावस्था का परीक्षण किया जा सकता है जिसे करने में झिझक भी महसूस नहीं होती और ना ही किसी को बताने की आवश्यकता होती है। हमने जो भी घरेलू टिप्स दिए हैं उन के माध्यम से आप आसानी से गर्भावस्था परीक्षण कर सकती हैं और सही परिणाम भी प्राप्त किया जा सकता है जिसे कम खर्च में आसानी से घर पर ही  किया जाता है।

घरेलू गर्भावस्था परीक्षण और डॉक्टर के परीक्षण के मध्य अंतर

महिलाएं घरेलू तरीकों के माध्यम से ही खुद ही अपनी गर्भावस्था का परीक्षण कर लेती हैं, तो कई बार तो डॉक्टर के पास जाना ही बेहतर समझा जाता है। ऐसा देखा जाता है कि डॉक्टर भी किट के माध्यम से ही परीक्षण करते हैं। कभी-कभी तो गर्भावस्था के लिए यूरिन टेस्ट, हार्मोन टेस्ट और ब्लड टेस्ट भी किया जाता है।
किए गए ब्लड टेस्ट में भी सही तरीके से बच्चे में होने वाले सक्रिय वृद्धि को देखा जा सकता है। बाद में डॉक्टर द्वारा अल्ट्रासाउंड की जांच भी होती है जो गर्भावस्था को प्रमाणित कर बच्चे की वृद्धि पर जोर देती है। ऐसा माना जाता है कि  एक बार घरेलू परीक्षण के बाद डॉक्टर के पास जाना भी आवश्यक परीक्षण अवश्य करवा लेना चाहिए जो अपने आने वाले बच्चे के लिए लाभप्रद हो।

घरेलू गर्भावस्था परीक्षण के लाभ (ghar par pregnancy check karne ke labh)

घरेलू गर्भावस्था परीक्षण से महिलाओं को कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं
1) इस परीक्षण में ज्यादा समय नहीं लगता आप आसानी से ही घर पर गर्भावस्था परीक्षण कर सकती हैं।

2) घरेलू परीक्षण बार-बार बाजार जा कर किट लाने के झंझट से भी बचाता है।

3) इस घरेलू परीक्षण को आप घर मे उपलब्ध सामग्रियों से ही कर सकते हैं।

4) घरेलू गर्भावस्था परीक्षण आप बिना किसी की मदद से स्वयं ही कर सकते हैं।

5) इस गर्भावस्था परीक्षण से आप अपनी गर्भावस्था को गुप्त भी रख सकते हैं।

6)  इस परीक्षण में कम खर्च होता है, तो अच्छा विकल्प हो सकता है।

गर्भावस्था है महिलाओं के लिए खास

पूरे जीवन चक्र में महिला के गर्भावस्था का समय ही सबसे खास रहता है। इस समय में महिलाओं को अपने ऊपर भरपूर ध्यान देने की सलाह दी जाती है ताकि आने वाले बच्चे को सही पोषण मिल सके। ऐसे समय में महिलाओं को उचित आहार, पर्याप्त नींद लेना आवश्यक है तभी बच्चे में सही वृद्धि व विकास हो पाता है ।

घरेलू परीक्षण से महिलाएं गर्भावस्था को सुरक्षित कर सही दिशा निर्देश में रहते हुए आगे बढ़ सकती हैं। यह परीक्षण आसानी से किया जा सकता है। यह समय महिलाओं को खुद पर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि प्रकृति की अनुपम सौगात को प्रकृति से शुरू किया जा सके। महिलाओं को बिना किसी परेशानी के इस अवस्था का भी आनंद लेना चाहिए और बेहतर भविष्य का आकलन करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

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